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आज का पंचांग, राहु काल और शुभ मुहूर्त — सम्पूर्ण गाइड 2026

Aaj Ka Panchang, Rahu Kaal aur Shubh Muhurat — Complete Guide 2026

📅 16 May 20268 min read✍ KundliAI

आज का पंचांग क्या है? राहु काल कब है? शुभ मुहूर्त कैसे देखें? तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — पंचांग के पाँच अंग की सम्पूर्ण जानकारी। KundliAI पर मुफ्त पंचांग।

आज का पंचांग — जानें तिथि, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त

हर सुबह लाखों भारतीय एक ही काम करते हैं — पंचांग देखना।

शादी की तारीख तय करनी हो। नया काम शुरू करना हो। गृह प्रवेश हो। कोई महत्वपूर्ण यात्रा हो। या बस यह जानना हो कि आज राहु काल कब है — पंचांग हर भारतीय के जीवन का अभिन्न हिस्सा है।

लेकिन पंचांग को समझना आसान नहीं लगता। तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार — इन सब का क्या मतलब है?

इस सम्पूर्ण गाइड में जानें — पंचांग क्या है, कैसे पढ़ें, राहु काल क्या है और शुभ मुहूर्त कैसे निकालें।

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पंचांग क्या है?

पंचांग दो शब्दों से बना है — पंच यानी पाँच और अंग यानी भाग। यानी पाँच अंगों वाला कैलेंडर।

यह वैदिक ज्योतिष का सबसे महत्वपूर्ण दैनिक tool है जो बताता है कि आज का दिन कैसा है, कौन से काम शुभ हैं और किन समयों से बचना चाहिए।

पंचांग की गणना सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक खगोलीय स्थितियों से होती है। इसीलिए यह हर दिन अलग होता है।

पंचांग के पाँच अंग — विस्तार से

1. तिथि (Tithi) — चंद्र दिवस

तिथि यानी lunar day। यह सूर्य और चंद्रमा के बीच के कोणीय अंतर से तय होती है।

जब यह अंतर 12 डिग्री होता है तो एक तिथि पूरी होती है। इसीलिए एक तिथि कभी-कभी 19 घंटे और कभी-कभी 26 घंटे की हो सकती है।

30 तिथियां होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में:

शुक्ल पक्ष — पूर्णिमा तक: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा।

कृष्ण पक्ष — अमावस्या तक: प्रतिपदा से चतुर्दशी, फिर अमावस्या।

शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी।

अशुभ तिथियां: चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या।

2. नक्षत्र (Nakshatra) — चंद्र नक्षत्र

नक्षत्र यानी चंद्रमा जिस तारा समूह में होता है। 27 नक्षत्र होते हैं और चंद्रमा हर 27 दिन में एक चक्र पूरा करता है।

27 नक्षत्र: अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्व फाल्गुनी, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाती, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद, रेवती।

शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, रेवती।

अशुभ नक्षत्र: भरणी, कृत्तिका, आर्द्रा, आश्लेषा, ज्येष्ठा, विशाखा।

3. योग (Yoga) — सूर्य-चंद्र योग

योग सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त गति से बनता है। 27 योग होते हैं।

शुभ योग: सौभाग्य, शोभन, सुकर्म, धृति, सिद्धि, व्यतीपात नहीं, वरीयान, परिघ नहीं, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इंद्र।

अशुभ योग: विष्कम्भ, अतिगंड, शूल, गंड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ, वैधृति।

4. करण (Karana) — अर्ध तिथि

करण तिथि का आधा भाग है। एक तिथि में दो करण होते हैं। 11 करण होते हैं — 4 स्थिर और 7 चर।

स्थिर करण: शकुनि, चतुष्पद, नाग, किंस्तुघ्न।

चर करण: बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि (भद्रा)।

भद्रा करण अशुभ होता है — इस समय महत्वपूर्ण काम नहीं करना चाहिए।

5. वार (Vara) — सप्ताह का दिन

सात दिन — रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार।

हर दिन का एक स्वामी ग्रह होता है:

रविवार — सूर्य। सोमवार — चंद्र। मंगलवार — मंगल। बुधवार — बुध। गुरुवार — गुरु। शुक्रवार — शुक्र। शनिवार — शनि।

शुभ वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार।

मध्यम वार: रविवार, मंगलवार।

सावधानी: शनिवार — नए काम के लिए सावधानी।

राहु काल क्या है?

राहु काल वह समय है जब राहु ग्रह का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इस समय में कोई भी शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।

राहु काल हर दिन अलग-अलग समय पर होता है और लगभग डेढ़ घंटे का होता है।

हर दिन राहु काल का समय:

रविवार — शाम 4:30 से 6:00 बजे।

सोमवार — सुबह 7:30 से 9:00 बजे।

मंगलवार — दोपहर 3:00 से 4:30 बजे।

बुधवार — दोपहर 12:00 से 1:30 बजे।

गुरुवार — सुबह 1:30 से 3:00 बजे।

शुक्रवार — सुबह 10:30 से 12:00 बजे।

शनिवार — सुबह 9:00 से 10:30 बजे।

राहु काल में क्या न करें:

नया व्यापार शुरू न करें। शादी या सगाई न करें। नई संपत्ति न खरीदें। महत्वपूर्ण यात्रा न करें। कोई बड़ा financial निर्णय न लें।

राहु काल में क्या करें:

पूजा-पाठ कर सकते हैं। नियमित काम जारी रखें। आराम करें।

यमगण्ड और गुलिका काल

राहु काल की तरह यमगण्ड और गुलिका काल भी अशुभ समय हैं।

यमगण्ड: यम देव का प्रभाव। इस समय में भी शुभ काम नहीं करने चाहिए।

गुलिका काल: शनि के पुत्र गुलिका का प्रभाव। यह भी अशुभ समय माना जाता है।

तीनों अशुभ काल — राहु काल, यमगण्ड और गुलिका काल — KundliAI के पंचांग पर हर दिन दिखाए जाते हैं।

अभिजीत मुहूर्त — सबसे शुभ समय

अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय होता है। यह लगभग दोपहर 11:48 से 12:36 बजे के बीच होता है।

इस समय में शुरू किया गया कोई भी काम सफल होता है। इसे विजय मुहूर्त भी कहते हैं।

अभिजीत मुहूर्त में करें:

नया व्यापार शुरू करें। महत्वपूर्ण meeting रखें। बड़े निर्णय लें। नई संपत्ति खरीदें।

शुभ मुहूर्त कैसे निकालें?

शुभ मुहूर्त के लिए इन चीजों का शुभ होना जरूरी है:

शुभ तिथि। शुभ नक्षत्र। शुभ योग। राहु काल से बाहर। शुभ वार।

जब ये सब एक साथ मिलते हैं तो वह समय शुभ मुहूर्त होता है।

KundliAI पर Marriage Muhurat feature में आपकी कुंडली के अनुसार शुभ विवाह मुहूर्त निकाला जाता है — मुफ्त में।

आज का पंचांग KundliAI पर कैसे देखें?

बहुत आसान है:

Step 1: kundliai.in/panchang पर जाएं।

Step 2: अपना शहर select करें।

Step 3: तारीख select करें।

Step 4: आज का पूरा पंचांग तुरंत दिखेगा।

क्या मिलेगा: तिथि। नक्षत्र। योग। करण। वार। सूर्योदय और सूर्यास्त। चंद्रोदय और चंद्रास्त। राहु काल। यमगण्ड। गुलिका काल। अभिजीत मुहूर्त। विक्रम संवत। पक्ष।

12 भारतीय शहरों का पंचांग उपलब्ध है — New Delhi, Mumbai, Bangalore, Chennai, Kolkata, Hyderabad, Pune, Ahmedabad, Jaipur, Varanasi, Lucknow, Patna।

No registration। No payment। बिल्कुल मुफ्त।

पंचांग और आधुनिक जीवन

आज के डिजिटल युग में पंचांग देखना और भी आसान हो गया है। KundliAI पर real-time astronomical calculations से हर दिन का सटीक पंचांग मिलता है।

Swiss Ephemeris engine से calculate होने वाला यह पंचांग traditional pandits के पंचांग जितना ही accurate है।

KundliAI पर और क्या मिलता है

पंचांग के अलावा KundliAI पर मुफ्त:

🔮 Free Kundli — 30 सेकंड में जन्म कुंडली।

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सब मुफ्त। कोई registration नहीं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र: आज का पंचांग कहाँ देखें?

KundliAI पर — kundliai.in/panchang। 12 शहरों का real-time पंचांग मुफ्त में। तिथि, नक्षत्र, राहु काल, अभिजीत मुहूर्त सब एक जगह।

प्र: आज राहु काल कब है?

राहु काल हर दिन अलग समय पर होता है। kundliai.in/panchang पर अपना शहर select करें और आज का exact राहु काल जानें।

प्र: अभिजीत मुहूर्त क्या है?

अभिजीत मुहूर्त दिन का सबसे शुभ समय है — लगभग दोपहर 11:48 से 12:36 बजे। इस समय में शुरू किया गया काम सफल होता है।

प्र: पंचांग के पाँच अंग कौन से हैं?

तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार — ये पाँच पंचांग के अंग हैं।

प्र: शुभ मुहूर्त कैसे पता करें?

शुभ तिथि, शुभ नक्षत्र, शुभ योग और राहु काल से बाहर का समय — यह सब KundliAI के पंचांग पर देखें।

प्र: क्या KundliAI का पंचांग accurate है?

हाँ। KundliAI Swiss Ephemeris engine use करता है जो NASA-grade accurate astronomical calculations देता है। AstrologyAPI के real-time data से हर दिन का सटीक पंचांग बनता है।

प्र: क्या पंचांग मुफ्त में देख सकते हैं?

हाँ। kundliai.in/panchang पर पूरा पंचांग बिल्कुल मुफ्त है। कोई registration नहीं, कोई payment नहीं।

प्र: राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?

राहु काल में नया व्यापार, शादी, संपत्ति खरीद, महत्वपूर्ण यात्रा और बड़े financial निर्णय नहीं लेने चाहिए।

kundliai.in/panchang पर अभी देखें आज का पूरा पंचांग — मुफ्त में 🗓️

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